(1) मरीचि के पुत्र कश्यप प्रजापति थे। ब्रह्मदेव की दाहिनी हाथ की बोटे की नली से दक्ष नाम का पुरुष और बाएँ हाथ की बोटे की नली से धरनी नाम की स्त्री जन्मीं। उन दोनों से एक हज़ार-हज़ार महा ऋषि जन्मे। (2) ब्रह्मा के मानस पुत्रों में दूसरे स्थान पर रहने वाले अंगिरस्‍ु को उद्दध्य, बृहस्पति और संवर्त जैसे पुत्र हुए। बृहस्पति देवताओं के आचार्य बने। (3) मैत्रि (अत्रि) नामक मानस पुत्र से अनेक महा मुनि जन्मे। (4) पुलस्त्य नामक ब्रह्मा के मानस पुत्र से राक्षसों का जन्म हुआ। (5) पुलह नामक मानस पुत्र से किन्नर और किमपुरुष वर्ग उत्पन्न हुए। (6) क्रतू नामक मानस पुत्र से पक्षियों की जाति उत्पन्न हुई।

   
    

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(1)१ आदिपर्व

सभापर्व ~ महाभारत | Mahabharat Sabha Parv In Hindi

महाभारत का अरयण्क पर्व – Mahabharat Aranyak Parv in Hindi

(4)४ विराटपर्व

(5)५ उद्योगपर्व

(6)६ भीष्मपर्व

(7)७ द्रोणपर्व

(8)८ कर्णपर्व

(9)९ शाल्यपर्व

(10)१० सौप्तिकपर्व

(11)११ स्त्रीपर्व

(12)१२ शान्तिपर्व

(13)१३ अनुशासनपर्व

(14)१४ अश्वमेधिकपर्व

(15)१५ मौसलपर्व

(16)१६आश्रमवासिकपर्व

(17)१७ महाप्रस्थानिकपर्व


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